मोटरसाइकिल
लघुकथा ------------- मोटरसाइकिल ----------------- एक बाईक राइडर किसी महिला को रोज उसके कार्यस्थल तक छोड़ने जाता था। वो महिला गंतव्य तक पहुंच कर मोटरसाइकिल से उतर जाती और मुसु्कुरा के बोलती थैंक्यू भैय्या। एक दिन ऐसे ही यात्रा पूरी होने पर महिला वही मुस्कान बिखेरते चली गई। राइडर थैंक्यू का उत्तर देता जा मौज ले किराया माफ। लेकिन आज ऐसा हुआ कि मोटरसाइकिल से उतर कर जाते ही राइडर ने स्टार्ट करने के लिए कीक मारी तो मोटरसाइकिल टांय-टांय फीस्स। इंजन से आवाज आई यहां मेरा खून जल रहा है और कोई तुझे एक मुस्कान से छल गया, बेबकुफ। ©® भुवनेश्वर चौरसिया