जे हम जानतिह
जे हम जानतिह
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गाम भरि कऽ बच्चा बुतरूक बूढ़ जवान सभ डेग भरैत सरपट गाम सॅं बाहर भागि रहल अछि।
मुद्दाक बात ई जे केकरो किछ पता नै कि की भेलय?
हो हो ला ला हुआ हुआ।
लुक्खड़ कक्आ निसन्न चुप बैसल अछि।
पीछू पीछू हमरो जिज्ञासा भेल बात कि अछि तकड़ टोह लेल जाय।
भागैत एकटा बुतरू भेंटल यौ रूकु -रूकु कनि दम धरू कि भेलय?
हमरो जनबाक जिज्ञासा अछि।
बुतरू रूकल बाजल बुझान परै ये अहाॅं इ गाम मेॅ नै रहैय छी कि?
लज्या भेल। कत नम्हर सवाल अछि अहि बुतरूक।
हे बौआ अहाॅं कि बजय छी यौ?
हम तऽ अहि गाम केर छी। हे छिन्न मस्तिका सद्बुद्धि दियौ अहि बुतरूक।
आब बुतरूक हाफनाय रूकल। अनर्थ भऽ गेलय यौ,बुतरू बाजल।
हम्म कि अनर्थ भऽ गेलय?
बुतरू बाजल राम दुलार मास्टर साहेब आब अई धरती पर नै रहलाह।
हम्म कि भेलेन मास्टर साहेब के?
बुतरू फांसी खाई के अप्पन इह लिला समाप्त कऽ लेलखिन्ह।
हम्म किअय यौ?
बुतरु बाजल जमीन जायदादक गौतियारी झगड़ा छलेन।
हम्म तऽ आब जमीन जायदाद साथ नेने जैयथिन मास्टर साहेब।
बुतरू नै। फेर अहाॅं ओम्हर कियेक हाफैत जाइ छियै।
बुतरू अंतिम दर्शन करबाक लेल।
हम अहाॅंक मास्टर साहेब से कि सम्बन्ध अछि?
बुतरू हमरा टिसन पढबैत रहथिन आ स्कूल में सेहो।
अहा जाउ जाउ भेर भेंटताह कि नै भेंटताह हे रूकु हम हूं चलब कनि कपड़ा पहिर लै छी।
बुतरू रूकल हम्म कपड़ा पहिरलौं आ साथ भऽ गेलौं मास्टर साहेब हमरो पढैने रहताह।
©® भुवनेश्वर चौरसिया 'भुनेश'
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