पौष्टिक आहार

 पौष्टिक आहार 


पोषण आहार के संबंध में पढ़ाते हुये मास्टर साहब बच्चों से बोले सुनो बच्चों ऐ तुम हम जो दूध पीते हैं वह कहां से आता है?

पहले वाले ने कहा मां से जिन्होंने मुझे बचपन से दूध पिलाया और बड़ा किया।

दूसरा बच्चा बोला बाजार से उसके पिता जी गाय भैंस नहीं पालते थे सो खरीद कर लाया करते थे।

तीसरा बच्चा बोला मास्टर जी मैं ने तो सिर्फ दूध पीना सीखा है किसी को लाते नहीं देखा हां कभी कभी दादा जी को गाय के थन से निकालते देखा है।

चौथा बच्चा बोला मास्टर साहब अब पूछ ही रहें हैं तो सोचा बता दूं। क्या बताऊं मास्टर साहब हम अपने माता-पिता के साथ घर के तीसरी मंजिल पर रहते हैं।

मेरी मां सुबह-शाम घर की तीसरी मंजिल से नीचे बाल्टी लटका देती है और एक अंकल मोटरसाइकिल से आते हैं वो एक बर्तन में डाल कर बाल्टी रख देते हैं और इस तरह मेरे घर में दूध बाल्टी से होकर आता है।

मास्टर जी आप बताये आपके घर में दूध कहां से आता है?

मास्टर साहब क्या बोलते? बोले भाई मैं तो दूध पीता ही नहीं मुझे इस संबंध में कुछ पता नहीं।

पांचवां बच्चा उठा बोला फिर ये बताइये मास्टर साहब जब आप जानते ही नहीं तो हम बच्चों के दिमाग का दही क्यों किया जो दही दूध से निर्मित किया जाता है दूध से दही बनता है।

मास्टर साहब का दिमाग ठीक से काम नहीं कर रहा था तो बोले बच्चों आजकी छुट्टी अब इस टापिक पर कल बात करेंगे।

तब कहीं बच्चों के सांस में सांस आयी।

©® भुवनेश्वर चौरसिया "भुनेश"

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